इमली लाटा से आत्मनिर्भर बनीं राखी ध्रुव, पारंपरिक स्वाद से खड़ी की सफलता की कहानी
रायपुर, 10 मार्च 2026 — छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद ‘इमली लाटा’ को आजीविका का माध्यम बनाकर जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के ग्राम अर्जुनी की रहने वाली राखी ध्रुव ने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। मेहनत, नवाचार और परंपरा को सहेजने की सोच के साथ उन्होंने इस पारंपरिक उत्पाद को न केवल अपनी पहचान बनाया, बल्कि इससे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत की है।
रायपुर में मिला व्यवसाय का विचार
राखी ध्रुव बताती हैं कि उनकी सफलता की शुरुआत तब हुई जब वे रायपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर गई थीं। वहां उन्होंने आसपास की महिलाओं को पारंपरिक तरीके से इमली लाटा बनाते देखा। इस कार्य में छिपी संभावनाओं को समझते हुए उन्होंने इसके बारे में जानकारी जुटाई और अपने गांव लौटकर बिहान योजना से जुड़कर इसे व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया।
स्थानीय संसाधनों से शुरू किया व्यवसाय
राखी ध्रुव अपने व्यवसाय के लिए कच्चे माल के रूप में इमली की खरीदी भाटापारा से करती हैं, जबकि उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग के लिए डिब्बे बिलासपुर से मंगवाती हैं।
घर पर ही अन्य महिला समूहों के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने इस गतिविधि को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है।
इमली लाटा से सालाना 1.5 लाख रुपये की आय
वर्तमान में राखी ध्रुव इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण और आर्थिक सुदृढ़ीकरण बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के लोग उन्हें प्यार से ‘लखपति दीदी’ कहकर बुलाते हैं।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
राखी ध्रुव के पति जलेश्वर ध्रुव गांव में टेलरिंग और जूते की दुकान का संचालन करते हैं। राखी के मन में स्वयं कुछ करने की इच्छा थी, जिसे इमली लाटा के व्यवसाय ने नई दिशा दी।
सरका
री योजनाओं से बदली जिंदगी
राखी ध्रुव अपनी सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को देती हैं। वे नरेंद्र मोदी और विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
बिहान योजना के माध्यम से आज उनके जैसे हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और महिलाएं आत्मसम्मान के साथ समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
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